धनबाद के वासेपुर का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लगातार बढ़ते दबाव के बाद प्रिंस खान ने दुबई छोड़ दिया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर पुलिस महकमे से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रिंस खान ने अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पनाह ले ली है. बताया जा रहा है कि दुबई में भारतीय एजेंसियों की सक्रियता और स्थानीय प्रशासन की सख्ती के कारण प्रिंस के लिए वहां रहना मुश्किल हो गया था. इसके बाद उसने फरारी का यह नया रास्ता चुना.
प्रिंस के सात करीब अंडरग्राउंड
सूत्रों का कहना है कि दुबई में प्रिंस के साथ रहने वाले उसके सात करीबी लोग भी अब अंडरग्राउंड हो चुके हैं. ये सभी लोग लंबे समय से उसके नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं और अवैध गतिविधियों में उसकी मदद करते रहे हैं. दुबई में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद यह पूरा गैंग बिखर गया. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह अब सीमा पार से भारत में अपराध को अंजाम देने की साजिश रच सकता है.
प्रतिबंधित संगठन के संपर्क में है प्रिंस खान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रिंस खान पाकिस्तान के एक प्रतिबंधित संगठन के संपर्क में है. सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान पहुंचने के बाद उसने वहां सक्रिय कुछ संदिग्ध लोगों से मुलाकात की है, जिससे उसकी गतिविधियों को लेकर चिंता और बढ़ गयी है. माना जा रहा है कि उसने गलत और अवैध तरीके से पाकिस्तान में प्रवेश किया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है.
नेशनल एजेंसी के संपर्क में धनबाद पुलिस
धनबाद पुलिस इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. स्थानीय स्तर पर छानबीन के साथ-साथ अब नेशनल एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस के खिलाफ पहले से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं. इसी वजह से मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है.
विदेशों तक फैला है नेटवर्क
सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रिंस का नेटवर्क केवल धनबाद या झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके तार देश के अन्य हिस्सों और विदेशों तक फैले हुए हैं. दुबई से पाकिस्तान तक उसकी यह फरारी इस बात के संकेत हैं कि वह खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. फिलहाल धनबाद पुलिस, खुफिया एजेंसियां और राष्ट्रीय जांच एजेंसियां मिलकर प्रिंस की गतिविधियों पर नजर बनाये हुए हैं.
प्रिंस खान और उसके गैंग का कारनामा
24 नवंबर, 2021 को नया बाजार निवासी महताब आलम उर्फ नन्हे की गोली मारकर हत्या
दिसंबर 2022 में बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के नया बाजार स्थित क्लिनि लैब पर फायरिंग
मई 2022 में हाउसिंग कॉलोनी में ठेकेदार रामनरेश सिंह के घर पर फायरिंग
अक्तूबर 2023 में बैंक मोड़ स्थित कार सेंटर के मालिक दीपक अग्रवाल को गोली मारी
फरवरी 2023 में कार्मिक नगर के निकट रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या में आया नाम
मई 2023 में फहीम खान के बेटे इकबाल खान और उसके दोस्त ढोलू पर फायरिंग
गैंगस्टर को पकड़ने के लिए इंटरपोल से मांगी मदद
नन्हे की हत्या की जिम्मेवारी लेने के बाद धनबाद से फरार हो गया था प्रिंस
गलत तरीके से पासपोर्ट बनाया और देश छोड़ दुबई को ठिकाना बनाया
करीब पांच साल दुबई में रह कर धनबाद समेत झारखंड के कई कारोबारियों को धमकाया
दहशत फैलाने के लिए गोली-बम चलवाया










