9 साल पुराने केस में कार्रवाई तेज – ED ने पूर्व DIG प्रियदर्शी की करोड़ों की संपत्ति जब्त की

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बिहार की राजधानी पटना में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED में पूर्व DIG जेल रहे शिवेंद्र प्रियदर्शी की संपत्ति को अटैच कर लिया है. ED द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पटना में दो फ्लैट्स के रूप में अचल संपत्ति और चल संपत्ति (यानी बैंक बैलेंस, सोने और चांदी के गहने, FD और KVP और NSC, म्यूचुअल फंड में निवेश) को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.52 करोड़ रुपए है. यह संपत्ति शिवेंद्र प्रियदर्शी ने भ्रष्टाचार करके अपने नाम और अपनी पत्नी के नाम पर हासिल की थी.

जानकारी के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिवेंद्र प्रियदर्शी के ऊपर केस चल रहा था. 2017 में पहली बार स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने उनके ऊपर कार्रवाई की थी. 2022 में भी छापा मारा गया था. 2023 में शिवेंद्र प्रियदर्शी को सस्पेंड कर दिया गया. तब से वह सस्पेंड ही चल रहे हैं. शिवेंद्र प्रियदर्शी राजधानी के बेउर जेल के सुपरिंटेंडेंट रह चुके थे. इसके अलावा वह सासाराम, बेनीपुर, गोपालगंज और सिवान में भी जेल सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्य कर चुके थे.

9 साल पहले दर्ज हुई थी पहली FIR
शिवेंद्र प्रियदर्शी के ऊपर आरोप था कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति को अर्जित की है. 2017 में दर्ज की गई FIR के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि अभी आगे की जांच की प्रक्रिया जारी है. बता दें कि शिवेंद्र प्रियदर्शी मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग के रहने वाले हैं. बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 2014 में उन्हें DIG के रूप में पदोन्नति मिली. इससे पहले वे बेऊर, सासाराम, भागलपुर और सिवान में तैनात थे.

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मारा था छापा
बता दें कि बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने साल 2017 में आय से अधिक संपत्ति मामले में शिवेंद्र प्रियदर्शी के ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें उनके घर से भारी रकम बरामद की गई थी. उनके खिलाफ आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में सस्पेंड कर दिया गया. तब से लेकर अब तक वह सस्पेंड ही चल रहे हैं. साथ ही स्पेशल विजिलेंस यूनिटऔर प्रवर्तन निदेशालय की जांच के घेरे में हैं.

स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने 5 मई 2017 को शिवेंद्र प्रियदर्शी के आवासीय परिसरों पर रेड की और उनकी आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति और निवेश का पता लगाया था. स्पेशल विजिलेंस यूनिट को भारतीय स्टेट बैंक में 14 लाख रुपए की सावधि जमा के अलावा 17 खातों की भी जानकारी मिली थी. स्पेशल विजिलेंस यूनिट के अधिकारियों ने पटना में लश काउंटी और वृंदावन अपार्टमेंट में स्थित उनके फ्लैटों पर छापेमारी की थी, जबकि विभिन्न मदों में उनका खर्च 39.79 लाख रुपए था. उस प्रकार उनकी संभावित बचत 61.47 लाख रुपए थी.

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