Maithili Thakur: ‘लोग चाहते हैं कि मैं आरक्षण पर बोलूं. आज लगभग हर घर में आरक्षण को लेकर चर्चा हो रही है. इस बारे में मैं क्लियर और सिंपल सोचती हूं’. यह बात अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर ने कही. देश और बिहार की सियासत में आरक्षण के मुद्दे पर जमकर बयानबाजी हो रही है. कई तरह के तर्क भी सामने आ रहे हैं.
सोशल मीडिया के जरिए रखी अपनी बात
ऐसे में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने सोशल मीडिया के जरिए आरक्षण को लेकर अपने विचार शेयर किए. इस दौरान उन्होंने अपनी बात को किसी एक पक्ष के समर्थन या विरोध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि Gen-Z को खास मैसेज भी दिया. मैथिली ठाकुर ने कहा, भारत में लंबे समय तक कुछ समुदायों के साथ असमानता और भेदभाव हुआ है. ऐसे में उन्हें बराबरी का व्यवहार, अवसर और उचित प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है. इसे सुनिश्चित करना हर भारतीय की जिम्मेदारी है.
मैथिली ने Gen-Z पर दिया खास जोर
मैथिली ठाकुर की बात यहीं खत्म नहीं होती. वह कहती हैं कि अगर किसी दूसरे वर्ग के युवा को किसी नीति को लेकर वास्तविक चिंता है, तो उसकी बात सुनना भी उतना ही जरूरी है. ऐसे में बहस केवल आरक्षण के पक्ष या आरक्षण के विरोध तक सीमित नहीं होनी चाहिए.
मैथिली ठाकुर ने Gen-Z की भूमिका पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज का युवा यह नहीं चाहेगा कि सिर्फ उसके कास्ट या सरनेम की वजह से उसके साथ अलग व्यवहार किया जाए और आने वाले 100 सालों के बाद फिर से डिस्क्रिमिनेशन की कहानी सुनाई जाए. इसलिए कानून ऐसा होना चाहिए जिस पर भारत के हर एक युवा को भरोसा हो.
PM मोदी के लक्ष्य से भी जोड़ा
मैथिली का संदेश साफ था कि जरूरत है युवा एक-दूसरे को सुनें, समझें और साथ खड़े हों. ऐसा नया भारत बनाने की जरूरत है जहां किसी भी कास्ट, सरनेम या पहचान के आधार पर भेदभाव न हो और हर वर्ग आगे बढ़ सके. इस दौरान मैथिली ठाकुर ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि इस सपने को पूरा करने के लिए Gen-Z को साथ आगे बढ़ना होगा, ताकि न कोई वर्ग खुद को पीछे महसूस करे और न किसी के साथ भेदभाव हो.










