रांची. झारखंड के सभी पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने के हाईकोर्ट के बार-बार दिये गये निर्देशों का पालन नहीं हुआ है. इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई है. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाये.
DGP को कारण बताओ नोटिस जारी
अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारियों की रुचि थानों में CCTV कैमरे लगाने में नहीं है. मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने वर्तमान DGP तदाशा मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाये.
कई बार दिया गया निर्देश
खंडपीठ ने कहा कि 18 जून के आदेश के अलावा हाईकोर्ट की विभिन्न पीठें पहले भी कई बार पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने का निर्देश दे चुकी हैं. इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं होना गंभीर मामला है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि थानों में CCTV लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया था. बाद में इस टेंडर को रद्द कर दिया गया. सरकार की ओर से आदेश का पालन नहीं होने के अन्य कारण भी अदालत के सामने रखे गये.
बहाने संतोषजनक नहीं : हाईकोर्ट
अदालत ने राज्य सरकार की ओर से बताये गये कारणों को प्रथम दृष्टया संतोषजनक नहीं माना. खंडपीठ ने कहा कि आदेश के अनुपालन के लिए पर्याप्त अवसर दिये जाने के बावजूद अब तक किसी भी पुलिस थाने में CCTV लगाने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
अगली सुनवाई 24 सितंबर को
अदालत ने यह भी याद दिलाया कि 18 जून को ही DGP के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करने पर विचार किया गया था. अब DGP को जारी कारण बताओ नोटिस के बाद मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी.










