झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल वन क्षेत्र के मैसाड़ा गांव में बीते मंगलवार देर रात 12 जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. हाथियों द्वारा एक घर की दीवार तोड़ देने से मलबा गिर गया, जिसकी चपेट में आकर एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है.
तीन दिनों से गांव के आसपास घूम रहा हाथियों का झुंड
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से 12 जंगली हाथियों का झुंड मैसाड़ा गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार घूम रहा है और ग्रामीणों के घरों को निशाना बना रहा है. मंगलवार देर रात भोजन और पानी की तलाश में गांव पहुंचे हाथियों ने एक मकान की दीवार क्षतिग्रस्त कर दिया. दीवार गिरने से घर में सो रही वृद्ध महिला मलबे के नीचे दब गई. परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उसे बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा.
वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सूचना देने के बावजूद वन विभाग के अधिकारी और कर्मी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे. इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है. इधर, वन विभाग ने हाथियों को गांव से दूर रखने के लिए ग्रामीणों के बीच पटाखों को बांटा है. विभागीय टीम भी हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है. हाथियों के लगातार गांव में डटे रहने से ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने घायल महिला को उचित मुआवजा, बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और हाथियों के गांव में प्रवेश रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है. वहीं वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है.










