विधानसभा में शिक्षा पर बहस: अल्पसंख्यक स्कूलों के छात्रों को समान सुविधाएं देने की मांग

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बजट सत्र का आज 11वां कार्य दिवस है. कल सदन शुरू होने से पहले ही विपक्षी दल भाजपा ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष ने हाल के दिनों में विधि व्यवस्था को लेकर हुए मामले उठाते हुए सरकार का जवाब मांगा. कल निरसा से भाकपा माले के विधायक अरूप चटर्जी ने प्रश्नकाल के दौरान अल्पसंख्यक विद्यालयों के छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को सिर्फ पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराई जाती हैं,

लेकिन दूसरे सरकारी स्कूली बच्चों की तरह पोशाक, साइकिल और कॉपी मुहैया नहीं कराई जाती है. साथ ही मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ भी नहीं दिया जाता है. इसकी वजह से विद्यार्थियों पर शैक्षणिक समानता और भेदभाव का प्रभाव पड़ रहा है. जवाब में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि भारत सरकार की ओर से संचालित समग्र शिक्षा योजना के तहत अल्पसंख्यक विद्यालयों के कक्षा -1 से 8 तक में नामांकित विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें मुहैया कराई जाती हैं. शेष सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान नहीं है, क्योंकि अल्पसंख्यक विद्यालयों को सरकारी स्कूल का दर्जा प्राप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूल के शिक्षकों को सरकार सैलरी मुहैया कराती है.

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