नोएडा, पटना और कोलकाता कनेक्शन पर ACB की नजर, विनय चौबे से रिमांड में पूछताछ

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आय से अधिक संपत्ति मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को विनय चौबे को चार दिनों के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान एसीबी की टीम नोएडा और पटना में संपत्तियों, कथित सहयोगियों के माध्यम से निवेश, कोलकाता की एक कंपनी के जरिए धन निवेश और रिश्तेदारों की संपत्ति से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।

पूछताछ में विनय चौबे ने स्पष्ट किया कि उनका अपने परिवार की संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के माध्यम से धन निवेश नहीं किया गया है और प्रथम श्रेणी के लोक सेवक के रूप में वे हर वर्ष अपनी संपत्ति का विवरण सरकार को सौंपते रहे हैं। उनके अनुसार, उनके पास आय से अधिक कोई संपत्ति नहीं है। एसीबी का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे पूछताछ की जाएगी।

एसीबी रिमांड में पूछताछ के मुख्य बिंदु
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान विनय चौबे से नोएडा और पटना में कथित संपत्ति अर्जन, विनय सिंह के सहयोग से निवेश, कोलकाता की कंपनी के माध्यम से लेनदेन और रिश्तेदारों की संपत्तियों को लेकर सवाल किए गए। एजेंसी यह भी परख रही है कि संपत्ति अर्जन में किसी प्रकार की बेनामी व्यवस्था तो नहीं अपनाई गई।

24 नवंबर 2025 को दर्ज हुआ था आय से अधिक संपत्ति का केस
एसीबी ने 24 नवंबर 2025 को आय से अधिक संपत्ति मामले में विनय चौबे सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों में उनकी पत्नी स्वपना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, साले की पत्नी प्रियंका त्रिवेदी, विनय कुमार सिंह और विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह शामिल हैं। एसीबी स्निग्धा सिंह को छोड़कर अन्य सभी से पूछताछ कर चुकी है। हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में जेल में बंद होने के कारण विनय चौबे से अब तक पूछताछ नहीं हो पाई थी।

रिम्स से एसीबी रिमांड तक की प्रक्रिया
विनय चौबे न्यायिक हिरासत में रहते हुए रिम्स में इलाज करा रहे थे। इसी क्रम में एसीबी की टीम रिम्स पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। रिमांड अवधि में वे एसीबी की निगरानी में रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इलाज की व्यवस्था भी की जाएगी।

विनय चौबे पर दर्ज चार केस, एक में चार्जशीट
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, विनय चौबे पर कुल चार केस दर्ज हैं। इनमें हजारीबाग ट्रस्ट भूमि घोटाला, वन भूमि घोटाला, शराब घोटाला और आय से अधिक संपत्ति का मामला शामिल है। ट्रस्ट भूमि घोटाले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, वन भूमि घोटाले में रिमांड हो चुका है, जबकि शराब घोटाले में वे जमानत पर हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के दौरान एसीबी ने विनय सिंह और विनय चौबे के साले के चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ की, जिनमें सीए उपेंद्र शर्मा और धनंजय सिंह शामिल हैं।

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