हजारीबाग-रामगढ़ में रंगदारी का डर, पावर कंपनियों का काम ठप

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मैथन पावर लिमिटेड एमपीएल और इनलैंड पावर लिमिटेड के लिए कोयला उठाव और ट्रांसपोर्टिंग का काम पिछले 10 दिनों से पूरी तरह ठप है। इसकी वजह हजारीबाग और रामगढ़ जिले के कोयला क्षेत्रों में सक्रिय एक आपराधिक गिरोह की धमकी बताई जा रही है। धमकी के बाद ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है, जिससे कामकाज बंद हो गया है।

प्रति टन रंगदारी की मांग से फैला डर
सूत्रों के अनुसार, आपराधिक गिरोह ने कोयला उठाव और परिवहन के एवज में प्रति टन 225 रुपये रंगदारी की मांग की है। धमकी में साफ कहा गया है कि तय रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। इस चेतावनी के बाद ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर काम करने से पीछे हट गए हैं।

1.25 लाख टन कोयले का उठाव प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों का कुल करीब 1.25 लाख टन कोयला रोड सेल के जरिये उठाव और ट्रांसपोर्टिंग के लिए तय था। इसमें मैथन पावर लिमिटेड का लगभग एक लाख टन और इनलैंड पावर लिमिटेड का करीब 25 हजार टन कोयला शामिल है। इनलैंड पावर का कोयला रामगढ़ के गोला स्थित प्लांट में पहुंचता है, जबकि मैथन पावर का कोयला धनबाद भेजा जाता है।

इन कोयला खदानों से होता है उठाव
एमपीएल और इनलैंड पावर के लिए हजारीबाग जिले के बड़कासयाल क्षेत्र की गिद्दी, न्यू बिरसा कोलियरी, सयाल और रेलीगढ़ा कोयला खदानों से कोयला उठाव किया जाता है। लेकिन गिरोह की धमकी के बाद इन सभी क्षेत्रों से ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह रुक गई है।

कोयला उठाव बंद होने से दोनों कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही पावर प्लांट के लिए उपलब्ध कोयला स्टॉक भी तेजी से घटता जा रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर हजारीबाग और रामगढ़ जिले के प्रशासन ने ऐसी किसी आपराधिक घटना या रंगदारी की शिकायत से इनकार किया है।

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