बेटी बचाओ की गुहार लेकर पहुंचे पिता, पवन सिंह पर गंभीर आरोप बरकरार

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भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे विवाद ने अब परिवार की सीमा पार कर राजनीतिक गलियारों तक प्रवेश कर लिया है. अभिनेता के ससुर रामबाबू सिंह मंगलवार (7 अक्टूबर, 2025) को लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि एक पिता के रूप में अपनी बेटी के सम्मान और सुरक्षा के लिए न्याय की मांग लेकर आए हैं.

सीएम योगी से न्याय की गुहार लगाने आया हूं- ज्योति के पिता
रामबाबू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारी बस इतनी मांग है कि बेटी को सम्मान के साथ रखें. हमारी बेटी उनसे बात करने आई थी, लेकिन बातचीत नहीं हुई और पुलिस बुला दी गई. पैसे दे दिए होंगे, फिर भी पुलिस आई. बेटी को जब ले जाने लगे तो उसने पूछा, ‘मेरा क्या जुर्म है?’” उन्होंने आगे कहा कि वे मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने लखनऊ आए हैं. “मेरा गुनाह क्या है? हम चाहते हैं कि हमें इंसाफ मिले. बेटी को न्याय मिले.”

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पिता का दर्द
रामबाबू सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे मुख्यमंत्री से बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं. वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि “जो योगी जी की पार्टी का मूल मंत्र है, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,’ आज मेरी बेटी बहुत दुर्दिन दिख रही है. वह तड़प रही है. मैं भी बीमार हूं, आज हूं कल नहीं रहूंगा. मेरी बेटी का क्या होगा? उसे इंसाफ दिलाएं.”

फूट-फूटकर रोती नजर आई थीं ज्योति सिंह
भोजपुरी के पावरस्टार कहे जाने वाले पवन सिंह का पारिवारिक विवाद लगातार गरमाता जा रहा है. हाल ही में उनकी पत्नी ज्योति सिंह उनके घर लखनऊ जाकर फूट-फूटकर रोती नजर आई थीं और पवन सिंह पर कई आरोप लगाए. ज्योति ने इसका वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया था.

पवन सिंह के दावे को ज्योति ने किया खंडन
इसके बाद अभिनेता ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा और कहा कि उन्होंने ज्योति सिंह से 1.30 घंटे तक बातचीत की थी, जिसमें ज्योति चुनाव लड़वाने की जिद कर रही थीं. हालांकि, ज्योति सिंह ने इस दावे का खंडन किया और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई.

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