स्वास्थ्य विभाग में हुए टेंडर घोटाले और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लिखे गए पत्र ने राजनीति गरमा दी है. आरोपों से घिरे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के पत्र का जवाब देने के लिए खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का फैसला किया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मंशा पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. टेंडर नियमों के अनुसार जिसे चुना गया था, उसे दिया गया है, अपनी मर्जी से किसी को नहीं.
मंत्री इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को राज्य के विकास के लिए भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की सलाह दी. भाजपा पर बाबूलाल मरांडी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि जिस तरह से इसे टेंडर घोटाले के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, उससे वह बहुत दुखी हैं.
अपनी कमियों को छिपाने के लिए सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं – भाजपा
मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि अपनी कमियों को सांप्रदायिक रंग देना उचित नहीं है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने स्वास्थ्य मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि अपनी कमियों को छिपाने की कोशिश और इसके लिए इस्तेमाल की जा रही सांप्रदायिक बयानबाजी कतई उचित नहीं है. बाबूलाल मरांडी ने भी शराब घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था. अगर सरकार उस समय कार्रवाई करती, तो आज जो स्थिति है, वह पैदा नहीं होती. इसी तरह, नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाया है.
प्रदीप सिन्हा ने स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा, “डॉ. इरफान अंसारी कौन होते हैं यह सुझाव देने वाले कि बाबूलाल मरांडी को भाजपा छोड़कर उनकी पार्टी में शामिल हो जाएं? किसी भी व्यक्ति को यह चुनने का अधिकार है कि वह किस पार्टी को चुनता है.” उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को अपने विभागीय कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है और उनसे स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की अपील की है.










