झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और जाते-जाते ठंड ने जबरदस्त वापसी की है. पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में हो रही बढ़ोतरी के बाद लोगों को लगा था कि अब सर्दी विदा हो रही है, लेकिन अचानक सनसनाती ठंडी हवाओं ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है. आलम यह है कि जो लोग गर्म कपड़ों से दूरी बना चुके थे, वे अब दोहरी टोपी और भारी जैकेटों में नजर आ रहे हैं. रांची समेत गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार जैसे जिलों में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में झारखंड के कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है. कुछ दिन पहले तक जो पारा 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था, वह अब गिरकर 9 से 10 डिग्री के बीच सिमट गया है. गुमला राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खूंटी, लोहरदगा और लातेहार में यह 11 डिग्री के करीब रहा. बर्फीली हवाओं के कारण कनकनी इतनी बढ़ गई है कि जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
पारा गिरकर पहुंचा 8 डिग्री
अगले 24 घंटों के लिए मौसम का पूर्वानुमान और भी कड़ाके की ठंड की ओर इशारा कर रहा है. आज विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी जिलों पलामू, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा में पारा 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़कने की संभावना है. इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन सुबह और शाम को घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी. राजधानी रांची, हजारीबाग और रामगढ़ में भी न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जिससे रातें और अधिक सर्द हो जाएंगी.
कुल मिलाकर, झारखंड में ठंड का ‘रिटर्निंग टिकट’ कंफर्म हो चुका है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक हुई इस गिरावट की मुख्य वजह उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं हैं. आने वाले दो-तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही मौसम बने रहने की उम्मीद है. अचानक बदले इस मिजाज ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी सचेत कर दिया है, क्योंकि तापमान में आए इस उतार-चढ़ाव से वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.










