श्रावणी मेला 2026 को लेकर सुल्तानगंज में तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार प्रशासन और नगर परिषद का प्रयास है कि अजगैबीनाथ धाम पहुंचते ही श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो. इसी उद्देश्य से मेला क्षेत्र को आकर्षक बनाने का अभियान शुरू किया गया है. कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद लगातार तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं.
दीवारों पर उभर रही भगवान शिव की भक्ति
श्रावणी मेले की भव्यता बढ़ाने के लिए नमामि गंगे घाट सहित मेला क्षेत्र की दीवारों और पुलों पर स्प्रे पेंटिंग के जरिए भगवान शिव, मां गंगा और श्रावणी मेला 2026 से जुड़े आकर्षक चित्र और स्लोगन बनाए जा रहे हैं. ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’, ‘कांवड़ उठाओ, बोल बम के नारे लगाओ’ और ‘बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है’ जैसे संदेश श्रद्धालुओं में भक्ति का भाव जगाएंगे. सुंदर ग्राफिक्स और रंगीन कलाकृतियां मेला क्षेत्र को नई पहचान दे रही हैं.
गंगा घाट की सफाई से श्रद्धालुओं को राहत
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे घाट और जहाज घाट की सीढ़ियों पर जमी गाद को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया गया है. नवपदस्थापित जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के निर्देश पर देर शाम तक सफाई अभियान चलाया गया. गाद हटने के बाद अब श्रद्धालुओं को स्नान और जल भरने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन और नगर परिषद का आभार जताया.
दुकानों के लिए नई व्यवस्था, भीड़ होगी नियंत्रित
श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरियों की भीड़ को देखते हुए नगर परिषद ने दुकानों के संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू की है. प्रत्येक दुकान के सामने दो पट्टी (मार्किंग) बनाई जाएगी. बाहरी हिस्से में खरीदार रहेंगे, जबकि अंदर केवल दुकानदार मौजूद होंगे. इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और खरीदारी के दौरान अव्यवस्था नहीं होगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इन तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भक्तिमय वातावरण उपलब्ध कराना है.










