गिरिडीह: यूको बैंक राजधनवार में हुई डकैती के मामले में गिरिडीह पुलिस को फिर से महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है. एसपी डॉ. बिमल कुमार की टीम ने लगभग आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. हालांकि, अभी तक लूटी गई राशि की बरामदगी नहीं हो सकी है.
गिरिडीह पुलिस की अलग-अलग टीमें जिले के विभिन्न थानों के साथ-साथ देवघर, बिहार के जमुई, वैशाली-पटना जैसे जिलों में दबिश दे रही हैं. इस बीच इस लूट कांड में बड़ा अपडेट आया हैं. लूट की पूरा आंकड़ा सामने आ चुका हैं. आंकड़ा लगभग पांच करोड़ का है. इसका जिक्र धनवार थाना में दर्ज की गई प्राथमिकी में है.
इस बीच लूटकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है. लूट की पूरी राशि का आंकड़ा स्पष्ट हो चुका है, जो लगभग पांच करोड़ रुपये है. इसका उल्लेख धनवार थाना में दर्ज प्राथमिकी में किया गया है.
क्या लिखा है एफआईआर में
एफआईआर में यूको बैंक राजधनवार के शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोंड ने कहा कि लूटी गई नगद राशि और जेवरात का अनुमानित मूल्य पांच करोड़ रुपये है. इसमें 11.5 लाख नगद राशि है. राहुल ने एफआईआर में पूरी घटना का जिक्र करतें हुए बताया है कि कैसे अपराधी बैंक के अंदर दाखिल हुए और फिर कैसे सभी को कब्जे में लेकर लूट की घटना को अंजाम दिया. बता दें कि गुरुवार (5 नवंबर) को यूको बैंक के राजधनवार शाखा में लूट हुई थी.
बैंक के अंदर दाखिल हुए पांच अपराधियों ने कर्मियों के साथ-साथ ग्राहकों को गन पॉइंट पर लेकर घटना को अंजाम दिया था. घटना की जानकारी पर एसपी डॉ. बिमल कुमार की टीम एक्टिव हुई. अपराधियों का पीछा किया गया. झारखंड-तारा-चुंगलो होते भाग रहे अपराधियों के पीछे गिरिडीह पुलिस लगी और एक अपराधी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं दो बाइक को भी जब्त किया गया. इसके बाद भी अभियान चलता रहा.
एसपी की टीम ने गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ की तो यह साफ हुआ कि अपराधियों की संख्या 7 थी. पांच बैंक के अंदर थे और दो बाहर. इनमें तीन अपराधी बिहार के थे तो दो गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके के और दो देवघर जिले के. इन सभी की खोज जारी रखी गयी. जिले के तेज तर्रार अधिकारियों को इस कार्य में लगाया गया. ऐसे में पुलिस को महत्वपूर्ण लीड मिलती गई. हालांकि, टीम सभी को गिरफ्तार करने और लूटे गए सोना और नगद की बरामदगी में जुटी है. लोग कहते है कि हाल के वर्षों में बड़ी से बड़ी घटना का खुलासा गिरिडीह एसपी की टीम ने किया है. ऐसे में यह मामला गिरिडीह पुलिस के लिए चुनौती भरा है.
जमशेदपुर में हुई है सबसे बड़ी लूट
बता दें कि झारखंड में सबसे बड़ी बैंक लूट जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुई थी. 24 सितंबर 2026 को इस बैंक में डकैत पहुंचे थे. जहां सभी को बंधक बनाकर डकैतों ने बैंक से ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए 23.80 किलोग्राम सोना (बाजार मूल्य लगभग 33.20 करोड़ रुपये) और 43 लाख रुपये नगद लूट लिए थे. हालांकि, इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को हजारीबाग के बरही में बैंक लूटा गया था. यहां भी लगभग पांच करोड़ (3.9 किलो सोना और चार लाख 22 हजार रुपये नगद) लूटा गया था. इन दोनों के बाद धनवार में भी लगभग 5 करोड़ की लूट हुई.
गिरिडीह की सबसे बड़ी बैंक लूट
गिरिडीह जिले की बात करें तो यह जिले की सबसे बड़ी बैंक लूट की घटना घटी है. इससे पहले जिले में सबसे बड़ी लूट गिरिडीह शहर में हुई थी. राशि के अनुसार क्रम में. यहां जिक्र आंकड़ों के अलावा जिले के अलग – अलग थाना इलाके में अवस्थित कई बैंक में छोटी-बड़ी लूट हुई थी.
7 जून 2005 – मकतपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 29.23 लाख रुपये की लूट
फरवरी 2017 – यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बेंगाबाद शाखा से 28.14 लाख रुपये की लूट
फरवरी 2011 – स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इसरी बाजार शाखा से 25.75 लाख रुपये की लूट
नवंबर 2021 – यूको बैंक, सरिया (केसवारी) शाखा से 7.34 लाख रुपये की लूट
अगस्त 2016 – स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पचम्बा शाखा से 6.84 लाख रुपये की लूट
जुलाई 2005 – क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजधनवार शाखा से 6.36 लाख रुपये की लूट
“एक-एक अपराधी को पकड़ा जाएगा. जिले की विशेष टीम इसमें जुटी है. मिल रही हरेक सूचना पर काम हो रहा है. जल्द ही खुलासा हो जाएगा.” – डॉ. बिमल कुमार, एसपी










