JTET 2026: झारखंड में 10 साल बाद हो रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) देने का सपना लेकर 60 किलोमीटर दूर से पहुंचीं प्रीति कुमारी को परीक्षा केंद्र से निराश होकर लौटना पड़ा. तीन साल से परीक्षा की तैयारी कर रहीं प्रीति महज 20 मिनट की देरी से परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं. वह अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित महात्मा गांधी उच्च विद्यालय पहुंचीं, लेकिन तब तक प्रवेश का समय समाप्त हो चुका था. गेट पर काफी गुहार लगाने के बाद भी उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद वह परीक्षा केंद्र के बाहर ही रोने लगीं.
60 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचीं, लेकिन नहीं मिला प्रवेश
गिरिडीह जिले के सरिया की रहने वाली प्रीति कुमारी सुबह 9:20 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचीं. जबकि केंद्र पर सुबह 7 बजे से प्रवेश शुरू हो गया था और 9 बजे के बाद गेट बंद कर दिया गया था. प्रीति ने पुलिसकर्मियों से परीक्षा में शामिल होने देने की अपील की, लेकिन निर्धारित समय का हवाला देकर उन्हें रोक दिया गया.
सुबह 6 बजे मिली परीक्षा की जानकारी, तुरंत हुईं रवाना
प्रीति ने बताया कि उन्हें शनिवार सुबह करीब 6 बजे एक सहयोगी से परीक्षा की जानकारी मिली थी. इसके बाद वह अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से परीक्षा केंद्र के लिए निकल पड़ीं. सरिया से झुमरी तिलैया तक करीब 60 किलोमीटर का सफर तय किया, लेकिन पहुंचने में 20 मिनट की देरी हो गई.
तीन साल की तैयारी, लेकिन नहीं दे सकीं परीक्षा
प्रीति पिछले तीन साल से JTET की तैयारी कर रही थीं. लंबे इंतजार के बाद परीक्षा आयोजित होने से उन्हें भी इसमें शामिल होने की उम्मीद थी. लेकिन थोड़ी सी देरी के कारण उनका परीक्षा देने का मौका छूट गया. उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा की जानकारी नहीं मिली. इतनी कम देरी के कारण परीक्षा से रोकना उचित नहीं है.
रोते हुए बोलीं- तीन साल की मेहनत बेकार हो गई
परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने के बाद प्रीति भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत और तैयारी को इस तरह बेकार होते देखना बेहद दुखद है. वह परीक्षा देना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला. केंद्र के बाहर उनके पति ने उन्हें समझाया और फिर अपने साथ वापस ले गए.










