झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दौरों के दौरान अक्सर रास्ते में रुककर आम लोगों से मुलाकात करते और उनके बीच समय बिताते नजर आते हैं. मंगलवार, 20 अक्टूबर को बोकारो जिले के कसमार में भी उनका ऐसा ही अंदाज देखने को मिला. निर्माणाधीन सड़क के निरीक्षण के बाद वे पत्नी कल्पना सोरेन के साथ बाजारटांड़ चौक स्थित एक स्थानीय दुकान पर रुक गये. यहां दोनों ने चाय-पकौड़ी और जलेबी का स्वाद लिया और लोगों से बातचीत की. इससे पहले जून में जोन्हा फॉल जाते समय भी मुख्यमंत्री सड़क किनारे अमरूद बेच रहे एक बुजुर्ग के पास रुके थे और अमरूद खरीदे थे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को नेमरा से लौटने के दौरान बोकारो जिले के कसमार पहुंचे थे. यहां उन्होंने निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति व गुणवत्ता का जायजा लिया. इसके बाद मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन कसमार के बाजारटांड़ चौक स्थित कुणाल जायसवाल की चाय-पकौड़ी की दुकान पर पहुंचे. दोनों करीब 10 मिनट तक वहां रुके. मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय-पकौड़ी का स्वाद लिया और उनसे बातचीत की.
दुकान पर जलपान के दौरान विधायक कल्पना सोरेन ने खुद चाय बनायी. मुख्यमंत्री और विधायक को अचानक अपने बीच देखकर स्थानीय लोग उत्साहित नजर आए. लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवायी. सड़क निरीक्षण के बीच किसी औपचारिक कार्यक्रम से अलग दुकान पर बिताया गया यह समय दौरे का खास आकर्षण बना. लौटते समय आलू चॉप, पकौड़ी और जलेबी पैक कराकर नेमरा ले जाने की भी जानकारी सामने आयी.
सड़क निरीक्षण के बाद सेवाती घाटी भी पहुंचे
कसमार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कसमार-बरलंगा मुख्य सड़क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया. उन्होंने सड़क निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया. इसके बाद वे सेवाती घाटी भी पहुंचे और वहां की भौगोलिक स्थिति तथा सड़क मार्ग का निरीक्षण किया. इस तरह दौरे के दौरान विकास कार्यों के जायजे के साथ स्थानीय दुकान पर रुकना भी चर्चा में रहा.
जोन्हा फॉल जाते समय सड़क किनारे खरीदे थे अमरूद
हेमंत सोरेन का रास्ते में रुककर स्थानीय चीजों का स्वाद लेने का यह पहला प्रसंग नहीं है. इससे पहले 28 जून 2026 को वे पत्नी कल्पना सोरेन और बच्चों के साथ जोन्हा फॉल घूमने गये थे. उस दौरान मुख्यमंत्री खुद कार चला रहे थे. रास्ते में वे सड़क किनारे फल बेच रहे एक बुजुर्ग के पास रुके. उन्होंने अमरूद और जामुन के दाम पूछे और अपने हाथों से अमरूद चुनकर खरीदे. इसके बाद साथ मौजूद लोगों को भी अमरूद खिलाये. इस घटना की तस्वीरें और रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री का यह अंदाज चर्चा में रहा था.










