धनबाद: जिले के जोगता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सिजुआ काली मंदिर के समीप अचानक जमीन धंस गई. भू-धंसान इतना भीषण था कि इसकी चपेट में आने से कई घर जमींदोज हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, भू-धंसान के दौरान कुछ लोग मलबे में दब गए थे. ग्रामीणों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू करते हुए मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला. हादसे में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है.
अवैध कोयला खनन से हादसे का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में पहले अवैध तरीके से कोयला खनन किया गया था. जिसकी वजह से जमीन कमजोर हुई और यह हादसा हुआ. ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास की मांग की.
मौके पर पहुंचे बाघमारा विधायक
लोगों का कहना है कि जब तक सुरक्षित आवास और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. घटना की जानकारी मिलने के बाद बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो भी मौके पर पहुंचे. विधायक ने घटना के पीछे पूर्व में हुई अवैध माइनिंग को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अवैध खनन के कारण जमीन खोखली हुई और इसी वजह से यह भयावह हादसा हुआ.
एक बच्चे की मौत होने की सूचना
विधायक के अनुसार, घटना में एक बच्ची की मौत की सूचना है. जबकि करीब छह से सात लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, घटना में कितने घर पूरी तरह जमींदोज हुए और कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. फिलहाल मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है. लोग प्रशासन से प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास और घटना की जांच की मांग पर अड़े हैं. हादसे के बाद इलाके में भय का माहौल बना हुआ है.
हालिया दिनों हुए भू-धंसान की घटनाएं
बीसीसीएल एरिया-10 के लिलोरी पथरा बालूगद्दा में अचानक जमीन धंस गया.
गिरिडीह में भू-धंसान से सीसीएल का एरिया अस्पताल जद में आ गया.
धनबाद के भगतडीह में भू-धंसान से कई मकानों में दरारें आ गई.
धनबाद के छाताबाद में हुए भू-धंसान में कई घर जमींदोज हो गए.
धनबाद में कतरास में अचानक हुए भू-धसान से आधा दर्जन घर जमींदोज हो गए.










