Bihar Flood बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं. पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर ‘हाईएस्ट फ्लड लेवल’ (HFL) के निशान को पार कर गया है. इसके बाद प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, बाढ़ प्रभावित आबादी पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में फैली हुई है.
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक हाथीदह और इसके बाद के निचले इलाकों में स्थित गेज स्टेशनों पर जलस्तर गंभीर बना रह सकता है. हाथीदह में गंगा का जलस्तर पिछले HFL के रिकॉर्ड को भी पार करने की आशंका है. अधिकारियों ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.
जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “गांधी घाट से निचले इलाकों की ओर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने तथा लगातार जलस्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है.” इस बीच, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करने की मांग की है. उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए 5,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की भी मांग की है.
तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी
WRD ने नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर पहले से एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है. सभी संबंधित विभागों और फील्ड इंजीनियरों को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े संसाधनों और मशीनरी को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है.
आपदा प्रबंधन विभाग (DMD) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल समेत 11 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में करीब 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। आपात स्थिति से निपटने और राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रभावित जिलों में NDRF की 10 और SDRF की 27 टीमें तैनात की गई हैं.
गंडक, कोसी और सोन का भी बढ़ा दबाव
6 सितंबर तक वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक नदी का डिस्चार्ज 1,29,000 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो फिलहाल स्थिर है. वहीं, बीरपुर बैराज पर कोसी नदी का डिस्चार्ज 1,73,255 क्यूसेक दर्ज किया गया. इंद्रपुरी बैराज पर सोन नदी का डिस्चार्ज 2,27,717 क्यूसेक रहा, हालांकि इसमें कमी का रुझान देखा गया है. गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है.
अगले दो दिन बारिश का अनुमान
राज्य में 1 जून से 6 सितंबर के बीच औसत 590.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है. बिहार मौसम विज्ञान सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है.
110 सामुदायिक रसोई चल रही
आपदा विभाग (DMD) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है.फिलहाल 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जहां अब तक 1.98 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है. विस्थापित लोगों के लिए एक राहत शिविर भी बनाया गया है. यहां 326 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है.
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी जारी है. अब तक करीब 55,500 पॉलीथीन शीट और 10,400 सूखे राशन के पैकेट बांटे जा चुके हैं. जलमग्न इलाकों में लोगों की आवाजाही और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए 1,345 नावें संचालित की जा रही हैं.
तेजस्वी ने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करने की मांग की है. उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए 5,000 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता देने और राहत-बचाव कार्यों में वायु सेना के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की भी मांग करते हुए दावा किया कि बिहार का 76 फीसदी इलाका बाढ़ से प्रभावित है और 19 जिले गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं. उन्होंने कहा कि इस आपदा से 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
पटना में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और जान-माल की क्षति हजारों करोड़ रुपये की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार का तत्काल दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेने और राज्य को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने आगे कहा कि, “अगर चुनाव का समय होता, तो वे निश्चित रूप से बिहार का दौरा करते.”










