Sudivya Sonu’s Unfulfilled Dreams: झारखंड कैबिनेट के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने 6 सितंबर को दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन से राज्य ने एक बड़ी राजनीतिक शख्सियत खो दी. गिरिडीह के विकास को लेकर उनके मन में कई बड़े सपने थे. जिले को शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, बुनियादी सुविधाओं, पर्यावरण, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में आगे ले जाने की उनकी कई योजनाएं थीं. कुछ योजनाओं ने आकार लेना शुरू कर दिया था, तो कुछ प्रस्ताव और पहल के स्तर पर थीं. लेकिन इन सपनों को पूरा होते देखने से पहले ही सुदिव्य कुमार सोनू दुनिया से विदा हो गए.
शिक्षा के क्षेत्र में गिरिडीह को आगे ले जाने का सपना
गिरिडीह को एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की योजना के तहत सर जेसी बोस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई. वहीं, 192 करोड़ रुपए की लागत से राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला भी रखी गई. इन परियोजनाओं से जिले के विद्यार्थियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद थी. शहरी क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए करीब 300 करोड़ रुपए की लागत वाली शहरी जलापूर्ति योजना पर भी काम आगे बढ़ाया गया.
उसरी नदी से शहर के सौंदर्यीकरण तक की योजना
पर्यावरण संरक्षण और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए उसरी नदी के विकास की योजना तैयार की गई थी. करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से उसरी रिवर फ्रंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव रखा गया. जबकि गिरिडीह में करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से चिड़ियाघर बनाने का भी प्रस्ताव था.
खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं की पहल
वहीं, जिले के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने के उद्देश्य से करीब 45 करोड़ रुपए की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की पहल की गई थी. शिक्षा, जलापूर्ति, पर्यावरण, शहर के सौंदर्यीकरण और खेल से जुड़ी ये योजनाएं गिरिडीह के विकास की उस तस्वीर को सामने रखती हैं, जिसे सुदिव्य कुमार सोनू साकार होते देखना चाहते थे. लेकिन इन योजनाओं को पूरा होते देखने से पहले ही उनके निधन के साथ उनके कई सपने अधूरे रह गए.










