रांचीः रामनवमी पर्व को लेकर रांची शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत प्लान जारी किया है. पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार 26, 27 और 28 मार्च 2026 को शहर के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है. ये जानकारी प्रेस रिलीज के जरिए दी गयी है.
इन तीन दिनों के दौरान शोभा यात्रा, झांकियों और विसर्जन कार्यक्रम को देखते हुए कई मार्गों पर वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा. 26 मार्च को शहर के विभिन्न अखाड़ों से संध्या के समय झांकियां निकाली जाएंगी. इस दौरान शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. छोटे मालवाहक वाहनों का परिचालन भी शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक बंद रहेगा. इसके अलावा किशोरी यादव चौक, अपर बाजार, महावीर मंदिर चौक, शहीद चौक, सुभाष चौक और सुजाता चौक जैसे प्रमुख मार्गों पर ऑटो, टोटो और नगर निगम की बसों का परिचालन भी प्रतिबंधित रहेगा.
27 मार्च को रामनवमी का मुख्य जुलूस निकाला जाएगा, जिसे लेकर सबसे कड़ी व्यवस्था लागू की गई है. इस दिन सुबह 8 बजे से अगले दिन सुबह 4 बजे तक शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा. वहीं दोपहर 12:30 बजे से रात 12:30 बजे तक छोटे मालवाहक वाहन, ऑटो और टोटो का परिचालन भी प्रतिबंधित रहेगा. दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा.
इस दौरान किशोरी यादव चौक, अपर बाजार, शहीद चौक, कचहरी चौक, जेल चौक, कमिश्नर चौक, रेडियम चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, सर्जना चौक, मेन रोड, चर्च रोड, कर्बला चौक, सुजाता चौक, चुटिया बाजार, राजेंद्र चौक, पिस्का मोड़ और रातु रोड जैसे इलाकों में यातायात प्रतिबंधित रहेगा. इन मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रूट से परिचालन कराया जाएगा.
28 मार्च को चैती दुर्गा विसर्जन को लेकर भी ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव रहेगा. सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. विसर्जन जुलूस के रूट पर आवश्यकता के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा. ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट और निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें. प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था लोगों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए की गई है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके.










