लोक भवन उद्यान आम लोगों के लिए खुला, रांची में पहली बार ट्यूलिप की शानदार फ्लावरिंग

Share this News:

आपको अमिताभ-रेखा की फिल्म सिलसिला का गाना ‘देखा एक ख्वाब…’ याद है? इसका फिल्मांकन हॉलैंड के प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन में हुआ था। इसके बाद ट्यूलिप फूल भारतीयों में इतना पॉपुलर हुआ कि इसे जम्मू-कश्मीर में खास लगाया गया और सिर्फ ट्यूलिप देखने लाखों पर्यटक हर साल श्रीनगर जाते हैं। अब इस विख्यात फूल को देखने की तमन्ना रांची में पूरी होगी।

क्योंकि राजधानी रांची स्थित लोक भवन का प्रसिद्ध उद्यान सोमवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया . उद्यान 2 फरवरी से 8 फरवरी तक खुला रहेगा. आम लोग सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उद्यान का भ्रमण कर सकेंगे, हालांकि प्रवेश एक बजे तक ही दिया जाएगा. रांची में पहली बार ट्यूलिप फूलों को लगाया गया और इसमें काफी अच्छी फ्लावरिंग हुई है। इस बार लोकभवन उद्यान आम दर्शकों के लिए 2 फरवरी से 8 फरवरी तक खुला रहेगा। दिन के 10 से 3 बजे तक खुला रहेगा, लेकिन प्रवेश एक बजे तक ही मिलेगा।

इस वर्ष लोक भवन उद्यान कई मायनों में खास है. यहां पहली बार ट्यूलिप फूलों को लगाया गया है और अच्छी फ्लावरिंग भी हुई है. इसके अलावा दर्शकों को नए किस्म के फूल, दुर्लभ सब्जियां और ऐतिहासिक धरोहरें देखने को मिलेंगी. जो हर तरह के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे.

किचन गार्डेन को विशेष रूप से किया गया विकसित: उद्यान प्रभारी

उद्यान प्रभारी रबुल अंसारी ने बताया कि इस बार किचन गार्डेन को विशेष रूप से विकसित किया गया है. इसमें आइसबर्ग लेट्यूस को खास तौर पर लगाया गया है, जिसका उपयोग सलाद, सैंडविच और बर्गर में किया जाता है. यह लंबे समय तक कुरकुरा बना रहता है और इसमें करीब 96 प्रतिशत पानी होता है. साथ ही यह विटामिन ए, विटामिन के और फोलेट का अच्छा स्रोत है. इसके अलावा लोक भवन उद्यान में सभी मौसमी सब्जियां और साग भी लगाए गए हैं.

पिछले वर्ष औषधीय गुणों और स्वाद के कारण चर्चा में रहा काला आलू इस बार और बड़े पैमाने पर लगाया गया है. इस वर्ष करीब दो डिसमिल क्षेत्र में काले आलू की खेती की गई है, जो पिछले साल की तुलना में दोगुनी है. इसके साथ ही इस बार काले गाजर की भी फसल तैयार की गई है, जिसे देखने को लेकर लोग खासे उत्सुक हैं.

लोक भवन उद्यान में फूलों की विविधता है खास
लोक भवन उद्यान में करीब 400 किस्म के गुलाब लगाए गए हैं. जबकि कुल पौधों की संख्या 17 हजार से अधिक है. उद्यान के माली वर्ग के अनुसार, गुलाब सालभर लगाए जाते हैं, जिसके लिए नियमित देखभाल की जाती है. वहीं कई अन्य फूल और पत्तियां सीजनल होती हैं. जिन्हें फरवरी महीने में लगाया जाता है, ताकि उद्यान खुलने के दौरान प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर रहे.

दर्शकों को देखने मिलेंगे तीन नए फूल

इस बार दर्शकों को तीन नए फूल भी देखने को मिलेंगे. ट्यूलिप के साथ-साथ कैना लिली फ्लावर, मरक्यूरिस और रेननकुलस को पहली बार लोक भवन उद्यान में लगाया गया है. उद्यान के प्रभारी पर्यवेक्षक नीलेश रासकर ने बताया कि दिसंबर महीने में चार रंगों सफेद, लाल, गुलाबी और काले के करीब 200 ट्यूलिप बड्स लगाए गए थे. इनमें से तीन रंगों में फूल आ चुके हैं, जबकि काले रंग के फूल कुछ दिनों में खिलने की उम्मीद है. ये सभी इम्पोर्टेड हाइब्रिड बीज हैं और इस वर्ष प्रयोग के तौर पर लगाए गए हैं. जिसे भविष्य में बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना है.

लोक भवन उद्यान में प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी. यहां प्रदर्शित एमआईजी-21 विमान, आजादी के समय युद्ध में उपयोग की गई तोपें और चरखा दर्शकों को देश के इतिहास और विरासत से रूबरू कराएंगे. इसके अलावा करीब छह दिनों तक स्कूली बच्चों के लिए विशेष भ्रमण कार्यक्रम भी तय किया गया है. इस दौरान बच्चों को पौधों की विशेषताओं, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के महत्व की जानकारी दी जाएगी.

Share this News:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *