रांची में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। इस केस में आरोपी बनाए गए पूर्व वरिष्ठ अधिकारी विनय चौबे और कारोबारी विनय सिंह से जुड़े लेनदेन की जांच के क्रम में एसीबी ने दिल्ली निवासी कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।
एसीबी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार सरदार सुरेंद्र सिंह से पूछताछ के दौरान कई अहम सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
मुकुंद अपार्टमेंट के फ्लैट सौदे पर फंसा मामला
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक सरदार सुरेंद्र सिंह ने ही रांची के लालपुर स्थित मुकुंद अपार्टमेंट में एक फ्लैट प्रियंका त्रिवेदी के नाम बेचा था। प्रियंका त्रिवेदी, विनय चौबे के साले शीपिज की पत्नी हैं। जांच में सामने आया है कि यह फ्लैट लगभग 43 लाख रुपये में खरीदा गया था।
बाद में करीबी कारोबारी की पत्नी को बेचा गया फ्लैट
एसीबी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रियंका त्रिवेदी के नाम पर खरीदे गए इसी फ्लैट को बाद में विनय चौबे के करीबी माने जाने वाले कारोबारी विनय सिंह की पत्नी को बेच दिया गया। इस पूरे लेनदेन को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
पूछताछ में असंतोषजनक जवाब बने गिरफ्तारी की वजह
एसीबी सूत्रों के अनुसार सरदार सुरेंद्र सिंह से फ्लैट की खरीद बिक्री, पैसों के स्रोत और लेनदेन की प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल किए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर गिरफ्तारी का निर्णय लिया गया। एजेंसी अब इस सौदे से जुड़े अन्य दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है।










