हजारीबाग के हबीबी नगर मोहल्ले में बुधवार शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर हुए बम विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मो. सद्दाम 40, उसकी पत्नी नन्ही परवीन 35 और पड़ोसी रशीदा परवीन 45 के रूप में हुई है। विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास के लोग सहम गए और मौके पर अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
झाड़ियों की सफाई के दौरान हुआ धमाका
मृतक सद्दाम के पिता मो. यूनुस ने बताया कि परिवार मूल रूप से रामगढ़ जिले के बलसगरा का रहने वाला है। हबीबी नगर स्थित जिस प्लॉट में विस्फोट हुआ, वहां परिवार अपना घर बनाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान सद्दाम और उसकी पत्नी झाड़ियों की सफाई कर रहे थे, जबकि पड़ोसी रशीदा परवीन वहीं धूप सेंक रही थी। तभी अचानक झाड़ियों के बीच तेज धमाका हुआ और तीनों उसकी चपेट में आ गए। विस्फोट से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार विस्फोटक संभवत झाड़ियों में दबा हुआ था और किसी डिब्बे या ठोस वस्तु के संपर्क में आने पर सक्रिय हो गया। इस तरह के बम विस्फोट में आमतौर पर हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आती हैं और यहां भी दोनों पति पत्नी के हाथ और चेहरे पर ऐसे ही जख्म पाए गए हैं।
9 साल पहले भी दहल चुका है यही इलाका
हबीबी नगर वही इलाका है, जहां 17 अप्रैल 2016 को रामनवमी जुलूस से पहले एक निर्माणाधीन मकान में लगातार तीन विस्फोट हुए थे। उस समय वहां बम बनाए जा रहे थे और इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस कांड की जांच के लिए एनआईए की टीम भी हजारीबाग पहुंची थी। मामले में 150 अज्ञात और 35 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी और कई आरोपी जेल भी गए थे। नौ साल बाद एक बार फिर उसी मोहल्ले में बम विस्फोट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस जांच में जुटी
हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि इस घटना में दो महिला और एक पुरुष की मौत हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक किसने, कब और किस मकसद से उस प्लॉट में छिपाया था। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटा रही है।










