वोटर लिस्ट पर बवाल: ममता बनर्जी का चुनाव आयोग और केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं – झूठी लिस्ट तो झूठी सरकार

Share this News:

पक्षिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. एक तरह चुनाव आयोग की ओर से राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई तो दूसरी ओर राज्य की ममता बनर्जी सरकार इसके विरोध में सड़क पर उतर गई है. ममता बनर्जी की अगुवाई में कोलकाता में विरोध मार्च निलाका गया. इसके बाद ममता बनर्जी ने लोगों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप पिछले 24 सालों से किस वोटर लिस्ट से जीतते आए हैं? बीजेपी सरकार, अगर ये लिस्ट झूठी है, तो आपकी सरकार भी झूठी है, आपका पद भी झूठ है. हर साल उन्हें कुछ न कुछ करना ही पड़ता है. एक बार वो आए और नोटबंदी की. मैं पहली थी जिसने इसका विरोध किया. आज हमें बताइए, क्या आप काला धन वापस लाए? किसका काला धन वापस आया?

ममता बनर्जी ने बीजेपी को याद दिलाया पुराना चुनाव
सीएम ने कहा कि मैंने भी सुना है कि वो (BJP) कह रहे हैं कि अगर दो करोड़ लोगों के नाम जबरदस्ती काटकर भी हम नहीं जीत सकते, तो अब कुछ और कह रहे हैं. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस को 40 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि उन्हें 39 प्रतिशत. जहां तक मुझे याद है, 2004 में मैं बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर अकेले 39 प्रतिशत वोटों से जीती थी, कोई और नहीं जीता था.

एक भी नाम कटा तो बीजेपी सरकार गिरा देंगे- ममता
बंगाल में आखिरी SIR 2001 के चुनाव के बाद हुआ था. 2002-03 के चुनाव नहीं हुए थे. 2004 में लोकसभा चुनाव हुए, उसी वोटर लिस्ट पर वोट पड़े, दो-ढाई साल लग गए. आज मोदी-शाह को खुश करने के लिए ‘कुर्सी बाबू’ (मुख्य चुनाव आयुक्त) इतिहास रचने वाले हैं. बिहार को पहले समझ नहीं आया, जब समझ आया कि नाम कट गए हैं, लेकिन हम शुरू से ही इससे सख्ती से निपट रहे हैं, एक भी नाम कटा तो भाजपा सरकार गिरा देंगे. हमारे पास भी बहुत जानकारी है. शर्म आनी चाहिए! केंद्र सरकार बंगाल में एजेंसियां भेजती है और हमारे तीन विधायकों पर झूठा केस दर्ज करती हैं.

सीएम ममता बोलीं- हमारे समय में घरों पर होती थी डिलीवरी
चुनाव आयोग की ओर से जन्म प्रमाण मांगे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे ज़माने में तो घर पर डिलीवरी होती थी. 7 बार सांसद, 4 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार मुख्यमंत्री होने के बाद भी क्या मुझे अपने जन्म प्रमाण पत्र के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा? हमारी विनम्रता हमारी कमज़ोरी नहीं है. हम क्यों विरोध कर रहे हैं? इतने दिनों से जनगणना क्यों नहीं हुई? बंगाल की जनगणना का बॉस तो उड़ीसा वाले को बना दिया! लक्ष्मी भंडार को कितना मिलता है, इसका हिसाब हमारे पास है!

Share this News:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *